Monday, 18 May 2026

Class 8 : भिखारिन

पाठ 8
भिखारिन 

प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
क. “सुबह से शाम तक वह इसी प्रकार हाथ फैलाए खड़ी रहती।”

प्र.1. बुढ़िया की जीविका का साधन क्या था?
उत्तर: बुढ़िया भीख माँगकर अपनी जीविका चलाती थी।
प्र.2. भिखारिन की झोपड़ी कहाँ थी?
उत्तर: भिखारिन की झोपड़ी मंदिर के पास थी।
प्र.3. झोपड़ी के पास पहुँचते ही उसके पास कौन आता था?
उत्तर: झोपड़ी के पास पहुँचते ही उसके पास दस वर्ष का एक लड़का उछलता -कूदना आता और उससे चिपट जाना।
प्र.4. लड़के का क्या नाम था?
उत्तर: लड़के का नाम मोहन था।
प्र.5. बुढ़िया मंदिर के दरवाजे पर क्यों खड़ी रहती थी?
उत्तर- अंधी बुढ़िया प्रतिदिन मंदिर के आगे भिक्षा मांगने के लिए खड़ी होती थी। 
प्र.6. बुढ़िया ने अपनी हाँडी किसके पास रखी?
उत्तर- बुढ़िया को डर था कि उसके इकट्ठा किए हुए पैसे कहीं चोरी न हो जाएं, इसलिए उसने अपनी हाँडी सेठ बनारसी दास के पास रखवा दी।

ख. "सेठ जी ने हाँड़ी की ओर देखकर कहा, "इसमें क्या है?"
​प्र०1- काशी में सेठ बनारसी दास का व्यक्तित्व कैसा था?
उत्तर- काशी में सेठ बनारसी दास बहुत प्रसिद्ध व्यक्ति थे। बच्चा-बच्चा उनकी कोठी से परिचित था। बनारसी दास बड़े देवभक्त और धर्मात्मा थे।

​प्र०2- अंधी ने हाँड़ी सेठ जी के आगे सरकाते हुए क्या कहा?
उत्तर- अंधी ने हाँड़ी सेठ जी के आगे सरका दी और उसने डरते-डरते कहा "सेठ जी! इसे अपने पास जमा कर लीजिए। मैं अंधी अपाहिज कहाँ रखती फिरूँगी?"

​प्र०3- मोहन को सेठ जी ने कैसे पहचाना?
उत्तर-   बच्चे को देखकर सेठ को ऐसा लगा कि उस बच्चे की सूरत उसके बेटे मोहन से मिलती है, जो सात वर्ष पूर्व खो गया था। जब उसकी जाँघ पर एक लाल रंग का चिह्न था। इस विचार के आते ही उन्हें विश्वास हो गया कि बच्चा उन्हीं का है।

​प्र०4- मोहन ने आँख खोलते ही किसे पुकारा?
उत्तर- मोहन ने आँख खोलने पर अपनी बुढ़िया माँ को पुकारा।

​प्र०5- सेठ जी के अनुचित व्यवहार पर बुढ़िया क्या सोच रही थी?
उत्तर- सेठ जी के अनुचित व्यवहार पर उसे रह-रहकर क्रोध आता था। वह सोचती इतना धनी व्यक्ति है, दो-चार रूपये दे देता तो क्या चला जाता? और फिर मैं उससे कुछ दान तो नहीं माँग रही थी, अपने ही रूपये माँग रही थी।
​प्र०6- पाठ के लेखक का नाम बताओ-
उत्तर- पाठ के लेखक का नाम रवीन्द्रनाथ टैगोर है।

​प्र०7- पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है।
उत्तर- इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि स्वार्थ सिद्धि के लिए मानवता को कभी नहीं भूलना चाहिए। मानवीय मूल्य ही आपको महान बनाते हैं। संसार में कर्म प्रधान है धन नहीं।

Friday, 15 May 2026

Vihan class 7

पाठ - 6
विहान 

प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर इन प्रश्नों का उत्तर दीजिए :-
(1) “नव - जीवन _ _ _ _ _ _ समान।”

प्र. 1) कवि किसका प्रेमी बनाना चाहता है?
उत्तर 1) कवि चिर महान की भक्ति कर उस अनंत शक्ति का प्रेमी बनने की कामना कर रहे हैं जो मानवता का कल्याण कर सके ।

प्र. 2) कवि विश्व में क्या लाने की इच्छा रखते हैं?
उत्तर 2) कवि विश्व में नव विहान लाने की इच्छा रखते हैं।

प्र. 3) इस प्रकार के कर्म करके कवि क्या करना चाहता है?
उत्तर 3) इस प्रकार के कर्म करके कवि मानव परित्राण करना चाहता है, जिससे जीवन में भय, संदेह और अंधविश्वास नष्ट हो व शांति का संदेश हो।

प्र. 4) प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से ली गई हैं? कवि का क्या नाम है?
उत्तर 4) प्रस्तुत पंक्तियाँ “विहान'' नामक कविता से ली गई हैं। इसके कवि  सुमित्रानंदन पंत जी हैं।



(2) “पाकर _ _ _ _ _ _ _विहान।”

प्र.1. कवि कैसा प्रकाश बनना चाहता है?
उत्तर : कवि सभी को समान रूप में प्रकाशित करने वाला प्रकाश बनना चाहता है।
प्र.2. ‘नवजीवन’ का विहान’ पाने का आश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : इसका अर्थ संसार के संघर्षम्य वातावरण को परिवर्तित करके शांतिमय वातावरण का सृजन करना है।
प्र.3. ‘परित्राण’ व ‘अमरदान’ शब्दों के अर्थ लिखिए।
उत्तर : परित्राण शब्द का अर्थ ‘रक्षा करना’ है तथा अमरदान शब्द का अर्थ है — हमेशा के लिए किसी वस्तु का दान करना।
प्र.4. प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयोग किए गए तुकांत शब्द लिखिए।
उत्तर-4. तुकांत शब्द — विहान व दान

प्र.5. कवि क्या कामना करना चाहता है?
उत्तर-5. कवि सभी को समान रूप में प्रकाशित करने वाला प्रकाश बनने की कामना करना चाहता है।

प्र.6. प्रस्तुत कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: प्रस्तुत कविता में बताया गया है कि यदि प्रत्येक मनुष्य सत्य और प्रेम का आचरण करे तथा परस्पर  सहयोग और शांति से रहे तो विश्व में शीघ्र ही सुंदर व शांत नव विहान का आगमन होगा।

Wednesday, 13 May 2026

Namak Ka Daroga Class 7

पाठ - 7
नमक का दरोगा 

(1) सभी शब्दार्थ पुस्तक से लिखेंगे व याद करेंगे।

(2) निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए - 

1. " हम सरकारी हुक्म को _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ बाहर हो सकते है भला? ”

प्रश्न 1: प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता तथा श्रोता कौन हैं?
उत्तर : प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता पंडित अलोपीदीन तथा श्रोता मुंशी वंशीधर हैं।

प्रश्न 2  वक्ता ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर : मुंशी वंशीधर ने पंडित अलोपीदीन की गाड़ियों को पुल पार करते समय रोक लिया था और अलोपीदीन मुंशी वंशीधर को रिश्वत देकर अपनी गाड़ियों को छुड़वाना चाहता था, इसीलिए उसने ऐसा कहा।

प्रश्न 3 गाड़ियों में क्या लदा था? पंडित अलोपीदीन कौन थे?
उत्तर : गाड़ियों में नमक के ढेले थे,  जिसका चोरी-छिपे व्यापार किया जा रहा था। पंडित अलोपीदीन इलाके के सबसे प्रसिद्ध जमींदार थे।

प्रश्न 4 पंडित अलोपीदीन का किस पर अखंड विश्वास?
उत्तर : पंडित अलोपीदीन का लक्ष्मी जी पर अखंड विश्वास था ।


2.  “पंडित जी ! मुझे ------ योग्य नहीं है।”

प्रश्न-1 पंडित जी ने वंशीधर को कौन-सा पद देने का निश्चय किया था ?
उत्तर : पंडित जी ने वंशीधर को अपनी सारी संपत्ति का स्थाई मैनेजर का पद देने का निश्चय  किया था। छह हजार वार्षिक वेतन के अतिरिक्त रोज़ाना खर्च अलग, रहने के लिए बंगला तथा अन्य सुविधाएँ भी दी थी।
प्रश्न-2 पंडित अलोपीदीन वंशीधर की किस बात से प्रभावित थे?
उत्तर : पंडित अलोपीदीन वंशीधर की ईमानदारी तथा उसकी कर्तव्यपरायणता से प्रभावित थे।

प्रश्न - 3 प्रस्तुत पंक्ति किसने किससे कही हैं?
उत्तर - प्रस्तुत पंक्ति मुंशी वंशीधर ने पंडित अलोपीदीन से कही है।

प्रश्न - 4 प्रस्तुत पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर - प्रस्तुत पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी मूल्य पर अपने कर्त्तव्य, धर्म और सत्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।

Tuesday, 31 March 2026

Class 8 मैं सुमन हूँ / बाँस

पाठ – 1 : मैं सुमन हूँ
1. प्रस्तुत कविता के शब्दार्थ पुस्तक से लिखें।
2. प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) व्योम के नीचे _ _ _ _ _ _ मैं सुमन हूँ।
प्रश्न 1 सुमन का आवास कहाँ होता है?
उत्तर : सुमन का आवास खुले आकाश के नीचे होता है।
प्रश्न 2 सुमन किसके साथ रहता है?
उत्तर : सुमन काँटों के साथ रहता है।
प्रश्न 3 काँटों के साथ रहने पर भी सुमन कैसा रहता है?
उत्तर : काँटों के साथ रहने पर भी सुमन प्रसन्नता के साथ रहता है।
प्रश्न 4 सुमन संबोधन किसके लिए किया गया है और क्यों?
उत्तर : सुमन संबोधन फूलों के लिए किया गया है। फूलों के माध्यम से कवि हम सभी मनुष्यों को भी संबोधित कर रहे हैं। कवि फूलों के माध्यम से मनुष्यों को प्रेरणा देना चाहते हैं कि जीवन में किसी भी परिस्थिति का सामना हमे सुमन के समान हमेशा प्रसन्नता के साथ करना चाहिए।
प्रश्न 5 कवि और कविता का नाम लिखिए –
उत्तर : कवि का नाम द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी और कविता का नाम “मैं सुमन हूँ” है।
(ख) रूप का श्रृंगार यदि मैंने किया है _ _ _ _ _ _“मैं सुमन हूँ।”
प्रश्न 1 प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से कवि ने प्रकृति के किस रूप पर प्रकाश डाला है?
उत्तर : कवि ने पुष्प के माध्यम से प्रकृति की नि:स्वार्थता पर प्रकाश डाला है।
प्रश्न 2 श्रृंगार शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर : श्रृंगार शब्द का अर्थ ‘सजावट’ और ‘सौंदर्य’ है।
प्रश्न 3 सुमन के हृदय में क्या भरा है?
उत्तर : सुमन के हृदय में स्नेह व प्रेम भरा हुआ है जो मनुष्य को एक सूत्र भी बाँधकर प्रेम के साथ रहने की प्रेरणा दे रहे हैं।
प्रश्न 4 इस कविता का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर : इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि मनुष्य को
विपरीत परिस्थितियों में भी प्रसन्न रहना चाहिए। यदि जीवन दुख आए भी तो हमें घबराना नहीं चाहिए और साहस के साथ प्रसन्नता से आगे बढ़ना चाहिए।

पाठ 2 : बाँस

1 प्रस्तुत पाठ के शब्दार्थ पुस्तक से लिखें।

1- प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-
क : “इसी ने उसकी ------ ------ ------ नमन किया।”
प्रश्न 1 आदमी बार-बार बाँस को नमन क्यों कर रहा था?
उत्तर : आदमी को लगा की बाँस ने ही उसकी जान बचाई है इसलिए वह उसे भगवान के रूप में देखने लगा और उस भारी बाँस को पानी से बाहर खींचकर बार-बार नमन करने लगा।
प्रश्न 2 ‘कृतज्ञता’ शब्द का क्या अर्थ है? इसका विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर : कृतज्ञता शब्द का अर्थ है “आभार”। इसका विलोम शब्द ‘कृतघ्न’ होता है।
प्रश्न 3 आदमी बाँस लेकर कहाँ जा रहा था? उसने क्या निश्चय किया?
उत्तर : आदमी बाँस लेकर पत्तनग्राम जा रहा था। जो जंगल के दूसरे छोर पर था। आदमी ने निश्चय किया था कि वह बाँस को घर ले जाकर नित्य उसकी पूजा करेगा।

2  -  “आर्य, इसे जो ------ ------ भाव से देखा।“
प्रश्न 1 आर्य कहकर किसे संबोधित किया गया है?
उत्तर : आर्य कहकर बाँस लेने वाले आदमी को बुद्ध द्वारा
संबोधित किया गया है।
प्रश्न 2 प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता का परिचय दीजिए।
उत्तर : प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता बुद्ध जी हैं। इन्हें शास्ता और
तथागत भी कहा जाता है।
प्रश्न 3 आदमी बॉस को कृतज्ञ भाव से क्यों देख रहा था?
उत्तर : आदमी को यह ज्ञात था कि उन बाँस के कारण
ही उसकी जान बची है। इसलिए वह उस बाँस को कृतज्ञ
भाव से देख रहा था।
प्रश्न 4 तथागत ने आदमी को क्या परामर्श दिया था?
उत्तर : तथावत ने आदमी को विवेक से काम लेने की सलाह देते
हुए बाँस से के सिर से उतार फेंकने और आराम से
घर जाने का परामर्श दिया।
प्रश्न 5 प्रस्तुत पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर : प्रस्तुत पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि उपयोगिता
के आधार पर वस्तुओं का संग्रह करना ही बुद्धिमानीपूर्ण आचरण का परिचायक है।

Sunday, 29 March 2026

भेड़ें और भेड़िए

भेड़ें और भेड़िए


 निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर ki -

1. पशु समाज में इस क्रांतिकारी परिवर्तन से हर्ष की लहर दौड़ गई किs 🍋,🍋z, सुख-समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण युग अब आया और वह आया।

प्रश्न – 1 वन के पशुओं ने एकमत से क्या तय किया और क्यों ? ‘वe न में प्र🍋,जातंत्र की स्थापना’ का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - एक बार.बन के 😂पशुओं को ऐसा लगा कि वह सभ्यता के उच्च स्तर पर पहुँच गए हैं, जहाँ एक अच्छी शासन व्यवस्था अपनानी चाहिए। एक मत से यह तय हुआ कि वन प्रदेश में प्रजातंत्र की स्थापना हो। वन में प्रजातं,त्र की स्थापना का आशय है कि ऐसी शासन प्रणाली जहाँ कोई किसी को न सताए और सभी सुख-समृzxद्धि एवं सुरक्षा का आनंद ले सकें। 

प्रश्न – 2 ‘क्रांतिकारी परिवर्तन’ का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है? स्प zzष्ट कीजिए।

उत्तर – वन में प्रजातंत्र शासन के संदर्भ में किया गया है। इन पंक्तियों के द्वारा लेखक स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रजातंत्र शासन जंगल में लागू होने पर सभी पशु अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे। इससे जंगल में शांति आएगी।

प्रश्न - 3 जंगल⛱️c में हर्ष की लहर क्यों दौड़ गई? सुख समृद्धि और सुरक्षा के स्वर्ण युग का आशय स्पष्ट कीजिए। 🌗 

उत्तर – जंगल में हर्ष की ल हर इसलिए दौड़ गई क्योंकि जंगल में प्रजा,,तंत्र शासन लागू होने वाला था। सुख समृद्धि और सुरक्षा के स्वर्ण युग से लेखक का आशय है कि प्रजातंत्र शासन लागू होने से सभी जीव-जंतु सुख, समृद्धि और शांति का जीवन जी सकेंगे।

प्रश्न – 4 जंगल में किस प्रकार का प्रजातंत्र आया? उसका क्या परिणाम निकला? क्या सुख समृद्धि और सुरक्षा का स्वर्ण युग आया?

उत्तर – भेड़िए के चमचे सियारों ने अपने जाल में फंसाकर भेड़ों के साथ बहुत बुरा किया जिससे जंगल में भेड़िए की तानाशाही हो गई। इसका यह परिणाम हुआ कि जं, zxगल की भेड़ें और भी असुरक्षित और भयभीत हो गईं और सुख-समृद्धि एवं सुरक्षा का स्वर्ण युग केवल एक सपना बनकर रह गया।

2. बूढ़े से आपने बड़ी गंभीरता से पूछा, “महाराज, आपके मुखचंद्र पर चिंता के में क्यों छाए हैं?”

प्रश्न – 1 ‘महाराज’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? उसकी चिंता का क्या कारण था और क्यों?😄

उत्तर – महाराज शब्द का प्रयोग भेड़िए के लिए किया गया है। उसकी चिंता का कारण प्रजातंत्र शासन था क्योंकि अब भेड़िए को यह आभास हो रहा था कि अब भेड़ों का शासन आ रहा है और अब उसे भूखा मरना पड़ेगा क्योंकि उसने भेड़ों के साथ बहुत बुरा किया था और उन्हें बहुत सताया था।

प्रश्न – 2 सियार ने उसकी बात सुनकर क्या उत्तर दिया? इस उत्तर से उसके चरित्र की किस विशेषता का पता चलता है?

उत्तर – सियार ने उसकी बात सुनकर कहा कि हम क्या जाने महाराज! हमारे तो आप ही ‘माई-बाप’ हैं। हम तो कोई और सरकार नहीं जानते। आप का दिया खाते हैं, आपके ही गीत गुनगुनाते हैं। लेखक ने सियार के माध्यम से उन लोगों पर व्यंग किया है जो नेताओं की चमचागिरी करते हैं और उनकी चापलूसी करते हुए आगे पीछे घूमते रहते हैं।

प्रश्न – 3 भेड़िए ने सियार को कौन-सी बात बताई और इस संदर्भ में अपनी किस घटनाएं का उल्लेख किया?

उत्तर – भेड़िए ने सियार को बताया कि अब वन प्रदेश में नई सरकार आने वाली है और अब हमारा राज चला जाएगा। अतः अब ऐसा समय आ रहा है कि हमें सुखी हड्डियां भी नसीब नहीं होंगी।
🌹❤️🌹
 प्रश्न – 4 बूढ़े सियार ने भेड़िए को उस कठिनाई से मुक्ति पाने के कौन से दो उपाय बताए? भेड़िए ने उसके उत्तर में क्या-क्या कहा?

उत्तर – बूढ़े सियार ने भेड़िए को उस कठिनाई से मुक्ति पाने के लिए पहला उपाय यह बताया कि वह सरकस में भर्ती हो जाए और दूसरा उपाय यह बताया कि वह अजायबघर में भर्ती हो जाए। भेड़िए ने उसके उत्तर में कहा कि सरकस में शेर और रीछ को ही लेते हैं और हम तो वैसे ही इतने बदनाम है कि कोई पूछता ही नहीं। दूसरे उपाय के उत्तर में भेड़िए ने कहा कि वह तो अब आदमी रखे जाने लगे हैं।

3. ‘मुसीबत में फँसे भेड़िए ने आखिर सियार को अपना गुरु माना और आज्ञापालन की शपथ ली।’

प्रश्न – 1 भेड़िया किस मुसीबत में फँस गया था? सियार ने उसे उसने मुसीबत से निकालने के लिए क्या आश्वासन दिया?

उत्तर – भेड़िया पंचायत के चुनाव की मुसीबत में फँस गया था। सियार ने उसे मुसीबत से निकालने के लिए यह आश्वासन दिया कि यदि चुनाव में भेड़िया जाति जीत जाए और आपकी सरकार बन जाए तो आप खुश हो जाएंगे।

प्रश्न – 2 बूढ़े सियार ने तीन सियारों को किस-किस रँग में रँगकर क्या-क्या रूप दिया और क्यों?

उत्तर – बूढ़े सियार ने तीनों सियारों को क्रमश: पीले, नीले और हरे रंग में रंग दिया था। पीला सियार बड़ा विद्वान, विचारक, कवि और लेखक है। नीला सियार नेता और पत्रकार है और हरा सियार धर्मगुरु है। बूढ़े सियार ने सियारों को इसलिए रंगा क्योंकि यह सियार ही भेड़िए का चुनाव प्रचार करेंगे और भेड़िया इन्हीं के दम पर चुनाव लड़ेगा।

प्रश्न – 3 बूढ़े सियार ने भेड़िए का रूप किस प्रकार बदला और क्यों?

उत्तर – बूढ़े सियार ने भेड़िए का रूप बदलने के लिए उसके मस्तक पर तिलक लगाया, गले में कंठी पहनाई और मुख में घास के तिनके लगा दिए। सच्चाई यह थी कि बूढ़ा सियार भेड़िए को भेड़ों के मध्य एक संत और विश्वासपात्र के रूप में प्रस्तुत करना चाहता था, जो भेड़ों के हितों की रक्षा करेगा।

प्रश्न – 4 सियार ने भेड़िए को किन किन बातों का ध्यान रखने को कहा?

उत्तर – सियार बोला “अब आप पूरे संत हो गए। अब भेड़ों की सभा में चलेंगे। मगर तीन बातों का ख्याल रखना अपनी आँखों को ऊपर मत उठाना, हमेशा जमीन की और देखना और कुछ मत बोलना नहीं तो सब पोल खुल जाएगी और वहाँ बहुत-सी भेड़े आएंगी,सुंदर-सुंद, मुलायम-मुलायम किसी को तोड़ मत खाना।”

4. ‘भाइयों और बहनों’ ! अब भय मत करो। भेड़िया राजा संत हो गए हैं। उन्होंने हिंसा बिलकुल छोड़ दी है। उनका हृदय परिवर्तन हो गया है।

प्रश्न – 1 ‘भाइयों और बहनों’ शब्द का प्रयोग किसने कब तथा किसके लिए किया है?

उत्तर – “भाइयों और बहनों” शब्द का प्रयोग बूढ़े सियार ने भेड़ियों और भेड़ों के लिए किया है। भेड़िए वन में दस प्रतिशत थे और भेड़ें नब्बे प्रतिशत थी। भेड़िए चालाक, हिंसक और भेड़ों के दुश्मन हैं। दूसरी ओर भेड़ें नेक, ईमानदार, कोम, विनयी, दयालु और निर्दोष पशु है।

प्रश्न – 2 बूढ़े सियार ने भेड़िए राजा के हृदय-परिवर्तन के संबंध में क्या-क्या कहा?

उत्तर – बूढ़े सियार ने भेड़िए राजा के हृदय परिवर्तन के संबंध में कहा कि भेड़िया राजा संत हो गए हैं, उन्होंने हिंसा बिलकुल छोड़ दी है। रात-दिन भगवान के भजन और परोपकार में लगे रहते हैं। उन्होंने अपना जीवन जीव-मात्र की सेवा में अर्पित कर दिया गया है। भेड़ों से उन्हें विशेष प्रेम है।

प्रश्न – 3 ‘भेड़ों से उन्हें विशेष प्रेम है’ - बूढ़े सियार ने इस संबंध में भेड़िए के बारे में क्या बताया?

उत्तर – बूढ़े सियार ने भेड़िए के विषय में बताते हुए कहा कि भेड़ों द्वारा सहे गए कष्टों को याद करके भेड़िए की आँखों में आँसू आ जाते हैं। भेड़ियों द्वारा भेड़ों पर किए गए अत्याचारों के कारण उनका सर लज्जा से झुका जाता है,इसलिए वे अपना शेष जीवन भेड़ों की सेवा में लगाकर तमाम पापों का प्रायश्चित करेंगे।

प्रश्न - 4 बूढ़े सियार ने एक मासूम भेड़ के बच्चे से संबंधित किस झूठी घटना कहानी सुनाई ।

उत्तर – बूढ़े सियार ने बताया कि आज सवेरे की ही बात है कि एक मासूम भेड़ के बच्चे के पाँव में काँटा लग गय, तो भेड़िया संत ने उसे दाँतो से निकाला, दाँतो से! पर अब वह बेचारा कष्ट से चल बसा, तो भेड़िए संत ने सम्मानपूर्वक उसकी अंत्येष्टि-क्रिया की। अब तो वे सर्वस्व त्याग चुके हैं। अब आप उनसे भय मत करें। उन्हें अपना भाई समझें। सब मिलकर बोलो संत भेड़िया की जय!

5. वे बोल नहीं सकते। अब आप इन तीनों रंगीन प्राणियों को देखिए। आप इन्हें न पहचान पाए होंगे। पहचानेंगे भी कैसे? ये इस लोक के जीव तो है नहीं ।।

प्रश्न – 1 वक्ता और श्रोता कौन है? ‘वे बोल नहीं सकते’- वाक्य का प्रयोग किसके लिए किया गया है? वक्ता ने उनके न बोल पाने का क्या कारण बताया है ?

उत्तर – वक्ता बूढ़ा सियार है और श्रोता भेड़े और वन्य जीव हैं। ‘वे बोल नहीं सकते’ वाक्य का प्रयोग संत भेड़िया राजा के लिए किया गया है। बूढ़ा सियार फिर बोला भाइयों और बहनों मैं भेड़िया संत से अपने मुखार-विंद से आपको प्रेम और दया का संदेश देने की प्रार्थना करता, पर प्रेमवश उनका हृदय भर आया है। वे गदगद हो गए हैं और भावातिरेक से उनका कंठ अवरुद्ध हो गया है इसलिए वह बोल नहीं सकते।

प्रश्न – 2 ‘इन्हें’ शब्द से किन की ओर संकेत किया गया है? उनका परिचय दीजिए।

उत्तर – ‘इन्हें’ शब्द से संत भेड़िया राजा की ओर संकेत किया गया है। वन प्रदेश में पंचायत का चुनाव होने वाला है दस प्रतिशत भेड़िए हैं और नब्बे प्रतिशत भेड़े निवास करती हैं। पहले वन में भेड़ियों का राज था जिससे उसने अपनी शक्ति के बल पर भेड़ों पर बहुत अत्याचार किए और हिंसा की अर्थात उसे अपनी शक्ति का बहुत घमंड है।

प्रश्न – 3 वक्ता ने ‘कवि’ बनाए गए सियार के संबंध में क्या बताया ?

उत्तर – वक्ता ने सियार के संबंध में बताया कि भाई कवि जी तो कोरस में गीत गाते हैं। पर कुछ समझे आप लोग? कैसे समझ सकते हैं? अरे, कवि की बात है सबकी समझ में आ जाए तो वह कवि काहे का? कह रहे हैं कि जैसे स्वर्ग में परमात्मा वैसे ही पृथ्वी पर भेड़िया। हे भेड़िया जी, महान! आप सर्वत्र व्याप्त हैं, सर्वशक्तिमान हैं।

प्रश्न – 4 ‘भेड़े और भेड़िए’- शीर्षक कहानी में निहित व्यंग स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – ‘भेड़ों और भेड़िए’ कहानी का उद्देश्य प्रजातंत्र में धोखेबाज झूठे, ढोंगी तथा चालाक राजनेताओं की पोल खोलना है। प्रस्तुत कहानी में भेड़े सीधे-साधे व्यक्तियों का प्रतीक है जो चालाक स्वार्थी और धन्यवाद राजनेताओं के बहकावे में आकर उनको चुनते हैं तथा चुने जाने के बाद भेड़िए रूपी यह राजनेता अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं और भोली-भाली जनता का शोषण करते हैं। इस कहानी के माध्यम से ऐसे राजनेताओं की पोल खोली गई है।

Friday, 27 March 2026

Class 6 पाठ 1 व 2, खग उड़ते रहना जीवनभर व होमी जहाँगीर भाभा

शब्दार्थ पुस्तक से लिखें व याद करें।
निम्नलिखित पंक्ति को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए - 

पाठ - 1
खग उड़ते रहना जीवन भर

1. खग!................. जीवन भर!
प्र०1 अपना पथ कौन भूल गया है ?
उत्तर : कवि के अनुसार खग अपना पथ भूल गया है।
प्र० 2 कवि ने खग के माध्यम से क्या संदेश दिया है ?
उत्तर : कवि ने खग के माध्यम से मनुष्य को संदेश दिया है कि उसे जीवन पथ पर आने वाले संकटों से हताश होकर लक्ष्य मार्ग से पीछे नहीं हटना चाहिए।
प्र०3 कवि ने किस कार्य को मृत्यु से भी अधिक कष्टकारी कहा है ?
उत्तर : कवि ने अपने लक्ष्य से विमुख होकर पीछे हटने को मृत्यु से भी अधिक कष्टकारी कहा है।

2. यदि तू ———— जीवन भर !

प्रश्न 1 प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से ली गई हैं?
कवि का नाम बताइए।
उत्तर : प्रस्तुत पंक्तियाँ "खग उड़ते रहना जीवन भर" नामक कविता से ली गई हैं। इस कविता के कवि का नाम गोपालदास नीरज है।
प्रश्न 2 'बवंडर' शब्द का क्या अर्थ है? कवि ने खग के माध्यम से क्या प्रेरणा दी है?
उत्तर : ‘बवंडर’ शब्द का अर्थ उपद्रव है। कवि ने खग के माध्यम से मनुष्य को लक्ष्य प्राप्ति की ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी है।
प्रश्न 3 यदि खग लक्ष्य से विमुख होकर वापस लौट कर पड़ेगा तो क्या होगा?
उत्तर : यदि खग (मनुष्य) लक्ष्य से विमुख होकर वापस लौट पड़ेगा तो उसको प्रेम करने वाले लोग उससे उपहास का पात्र ही मानेंगे। अतः मनुष्य को सदैव अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए।

पाठ 2 : डॉ० होमी जहाँगीर भाभा 

प्रस्तुत पंक्तियों के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
1. “यह डॉ० भाभा के _ _ _ _ _ _ _ _ लोहा माना जाता है।”
प्रश्न 1 : डॉ० भाभा ने भारत के लिए क्या कल्पना की थी ?
उत्तर : डॉ० भाभा ने भारत के लिए परमाणु ऊर्जी कार्यक्रम की कल्पना की थी। इस कारण विश्वस्तर पर भी भारत के नाभिकीय कार्यक्रम का लोहा माना जाता है।
प्रश्न 2 डॉ० भाभा ने उच्च शिक्षा कहाँ से प्राप्त की ? उस संस्थान के विषय में बताइए।
उत्तर : डॉ० भाभा ने हाईस्कूल परीक्षा पास करने के बाद अपनी उच्च शिक्षा कैंब्रिज विश्वविद्यालय से की। उस समय कैंब्रिज विश्वविद्यालय भौतिक विज्ञान के अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता था।
प्रश्न 3 : होमी जहाँगीर भाभा कौन थे ? उनका जन्म कब और कहाँ हुआ ?
उत्तर : होमी जहाँगीर भाभा भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे। इनके जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ।

2 “किंतु डॉ० भाभा ने परमाणु _ _ _ _ _ _ उपयोगी सिद्ध होगी।
प्रश्न 1 : परमाणु ऊर्जा के विषय में डॉ० भाभा ने क्या विचार थे ?
उत्तर : डॉ० भाभा, परमाणु ऊर्जा के जनहित प्रयोग को समझते थे। वे जानते थे कि स्वतंत्र भारत को आगे बढ़ाने के लिए परमाणु ऊर्जा उपयोगी सिद्ध होगी।
प्रश्न 2 : भारत की आजादी से पूर्व डॉ० भाभा ने किसका ध्यान परमाणु ऊर्जा की ओर आकर्षित किया ?
उत्तर : भारत की आजादी से पूर्व डॉ० भाभा ने नेहरू जी का ध्यान परमाणु ऊर्जा की ओर आकर्षित किया।
प्रश्न 3 : TIFR का पूरा नाम क्या है? इसको किसने और कब प्रस्तावित किया? इसका उद्घाटन कब किया गया?
उत्तर : TIFR का पूरा नाम ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च’ है। इसको डॉ० भाभा ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1945 में प्रस्तावित किया। उसके बाद सन् 1962 में इसकी स्थायी इमारत का उद्घाटन किया गया।
प्रश्न 4 : डॉ० भाभा के सम्मान में श्रीमती इंदिरा गांधी ने क्या किया?
उत्तर : डॉ० भाभा के उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान स्वरूप तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के परमाणु ऊर्जा संस्थान, ट्रॉम्बे (AEET) को डॉ० भाभा के नाम पर ‘भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र’ (BARC) नाम दिया। यह अनुसंधान केंद्र भारत का गौरव है। आज भी विश्वस्तर पर परमाणु ऊर्जा के विकास में यह पथप्रदर्शक सिद्ध हो रहा है।


Revision work
प्रश्न 1 कवि खग के माध्यम से किसे प्रेरित कर रहे हैं?
उत्तर : कवि खग के माध्यम से मनुष्यों को प्रेरित कर रहे हैं।
प्रश्न 2 पंखो में गति न होने का क्या अर्थ है?
उत्तर : पंखों में गति न होने का अर्थ  थककर बैठ जाना है।
प्रश्न 3 : कवि ने प्रलय झकोरो किन्हे कहा है?
उत्तर : कवि ने प्रलय झकोरों जीवन पथ की कठिनाइयों को कहा है।
प्रश्न 4 : संसार किन लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करता है?
उत्तर : संसार उन लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करता है जो जीवन की कठिनाइयों से हार नहीं मानते और आवश्यकता पड़ने पर लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपने जीवन का भी बलिदान कर देते हैं।
प्रश्न 5 : एटम बम कब, किसने और कहाँ गिराया?
उत्तर : द्वितीय विश्व युद्ध के समय अमेरिका ने अगस्त 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बम गिराया।
प्रश्न 6 : TIFR की स्थाई इमारत का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया?
उत्तर : सन 1962 में इस इमारत का उद्घाटन नेहरू जी के द्वारा हुआ।
प्रश्न 7 : डॉ भाभा के जीवन का महत्वपूर्ण परिवर्तन क्या था?
उत्तर : द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डॉ भाभा  इंग्लैंड नहीं जा पाए। डॉ भाभा ने बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान में अध्यापन कार्य करने का निश्चय किया। यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण परिवर्तन था।

Tuesday, 24 March 2026

Class 7 आत्मदीप व चमत्कार

कक्षा 7, पाठ – 1 (आत्मदीप)

शब्दार्थ किताब से लिखें

प्रस्तुत पंक्तियों के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

1.  “मुझे न ------ देने को तैयार।”

प्रश्न-1) प्रस्तुत पंक्तियों में किसका मानवीकरण किया गया है?उत्तर-1 प्रस्तुत पंक्तियों में कवि द्वारा एक  लघु दीप का मानवीकरण किया गया है।

प्रश्न-2 मिट्टी का दीपक किसका प्रतीक है?उत्तर- मिट्टी का दीपक भूमि, जल, आकाश, वायु और अग्नि का प्रतीक है।

प्रश्न-3 ‘दीपक’ के माध्यम से कवि ने क्या संदेश दिया है?उत्तर- दीपक के माध्यम से कवि ने संदेश दिया है कि मनुष्य को भी स्वयं अपना दीपक बनकर सही मार्ग खोलना चाहिए तथा समाज को सही राह की ओर अग्रसर करना चाहिए।

2.  “पहले कर ------ दूसरी बार।”

प्रश्न- 1 प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से ली गई हैं? कवि का नाम बताइए।

उत्तर- प्रस्तुत पंक्तियाँ आत्मदीप नामक कविता से ली गई हैं। इसके रचयिता का नाम  ‘हरिवंश राय बच्चन’ हैं।

प्रश्न-2  ‘दीपक’ की तुलना किससे की गई है?

उत्तर-  ‘दीपक’ की तुलना मनुष्य से की गई है।

प्रश्न-3  प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयोग किए गए तुकांत शब्दों को लिखिए।

उत्तर- बढ़ाए – पछताए

प्रश्न-4 दीपक और मनुष्यों में क्या समानता है?

उत्तर-  कवि ने मानव और दीप में समानता बताते हुए कहा है कि दीपक के सदृश ही समर्पित मानव भी संसार के कल्याण के लिए स्वयं बलिदान देने के लिए तत्पर रहता है।

कक्षा 7, पाठ – 4 (चमत्कार)

शब्दार्थ किताब से लिखें

प्रस्तुत पंक्तियों के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

1.  “आप न कहें ------ सारे दिन वही रहता था।”

प्रश्न 1 प्रस्तुत पंक्तियाँ किसने किससे कही हैं?

उत्तर – प्रस्तुत पंक्तियाँ चंद्रप्रकाश द्वारा ठाकुर व ठकुराइन से कही गई हैं।

प्रश्न 2 चंद्रप्रकाश ने घर क्यों छोड़ दिया था?

उत्तर – ठाकुर साहब के घर में चंद्रप्रकाश ने चोरी की थी। अतः उसे पकड़े जाने का डर था इसलिए उसने स्वयं का बचाव करने हेतु घर छोड़ दिया था।

प्रश्न 3 ठाकुर और ठकुराइन चंद्रप्रकाश के विषय में क्या विचार रखते थे?

उत्तर – ठाकुर और ठकुराइन चंद्रप्रकाश का बहुत आदर करते थे। उसे अपना लड़का समझते थे। उस पर बहुत विश्वास करते थे।

प्रश्न 4 चंद्रप्रकाश कहाँ रहता था?

उत्तर – चंद्रप्रकाश ठाकुर साहब दिये घर/मकान में रहता था। यह मकान ठाकुर साहब के घर से बिलकुल मिला हुआ था।

2.  “बड़ी मुबारक दावत थी तुम्हारी ------ हुई।”

प्रश्न-1 प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता व श्रोता का नाम बताइए।

उत्तर- प्रस्तुत पंक्ति के वक्ता ठाकुर साहब तथा श्रोता चंद्रप्रकाश हैं।

प्रश्न-2 ठाकुर साहब के गहने वापस कैसे मिले?

उत्तर- ठाकुर साहब के घर से चंद्रप्रकाश ने ही गहने चुराए थे तथा वह यह बात अपनी पत्नी चंपा से छिपाकर रखता था। जब उसकी पत्नी को चंद्रप्रकाश की चोरी का पता चला तो वह उदास रहने लगी। जिस दिन नौकरी लगने की खुशी से चंद्रप्रकाश ने ठाकुर साहब को सपरिवार दावत के लिए बुलाया तो मौका देखकर चंद्रप्रकाश ने चोरी किया सामान वापस ठाकुर साहब के घर में रख दिया।

प्रश्न-3 चंपा के चरित्र की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर- स्वाभिमानी व ईमानदार थी। बड़ों का भी आदर करती थी। उसने चंद्रप्रकाश के चोरी करने पर उसका साथ नहीं दिया अर्थात वह लोभी स्त्री भी नहीं थी।

 

Class 8 : भिखारिन

पाठ 8 भिखारिन  प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए - क. “सुबह से शाम तक वह इसी प्रकार हाथ फैलाए खड़ी रहती।” प्र.1. बुढ़िया क...