Wednesday, 8 July 2026

Class 7 : संस्कृत : पाठ 6 : ऋषिकेश

कक्षा 7 - पाठ 6
ऋषिकेश 

हमारे देश का नाम भारतवर्ष है, जो बहुत ही सुंदर और विशाल (भव्य) है। इस देश में सब जगह प्राकृतिक सुंदरता दिखाई देती है। भारत के विशाल और सुंदर स्थानों में 'ऋषिकेश' भी एक देखने योग्य (दर्शनीय) स्थान है।
ऋषिकेश, गंगा के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल 'हरिद्वार' से 19 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहाँ गंगा अपनी प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। गंगा और पहाड़ों की हरियाली से घिरा हुआ ऋषिकेश एक बहुत ही सुंदर और पवित्र तीर्थ स्थल है।
साधु और महात्मा लोग इस स्थान पर अपनी आत्मा और परमात्मा का ध्यान करते हैं। इसके अलावा, कवि और लेखक भी यहाँ की कोमल कल्पनाओं में डूबकर अपनी कलम से सुंदर काव्यों की रचना करते हैं।
वैज्ञानिक रूप से भी ऋषिकेश का बहुत महत्व है। यहाँ स्थित पर्वत श्रृंखलाओं (पहाड़ों) में कई प्रकार की औषधियाँ (जड़ी-बूटियाँ) भी पैदा होती हैं। आयुर्वेद के आचार्य (डॉक्टर) उनका उपयोग भयानक बीमारियों को ठीक करने के लिए करते हैं।
ऋषिकेश के देखने योग्य स्थानों में 'लक्ष्मण झूला' सबसे पहला (प्रमुख) है। यह एक ऐसा पुल है जिसका निर्माण गंगा नदी को पार करने के लिए किया गया था। जब इस पुल पर लोग चलते हैं, तब यह हिलता (कंपित होता) है। यहाँ 'गरुड़ चट्टी' भी एक दर्शनीय स्थल है।
इस स्थान से थोड़ी ही दूरी पर 'गीता भवन' नाम का प्रसिद्ध आश्रम है। महर्षि कण्व का आश्रम भी इसी स्थान पर था। राजा भरत की माता शकुंतला का पालन-पोषण भी इसी आश्रम में हुआ था। नगरों के शोर-शराबे (कोलाहल) से दूर यह स्थान वास्तव में आत्म-उन्नति (आध्यात्मिक विकास) का स्थान है।

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