गद्यांश 1
"पि छलेपद्रं ह महीनेसेदंड-जरुमानेके पसै ेजमा करके महतो टोली के पचं ों नेइस बार रामनवमी के मेलेमें
पेट्रोमक्ै स खरीदी है। गाँव मेंसब मि लाकर आठ पचं ायतेंहैं। हर-एक जाति की अलग-अलग 'सभाचट्टी' है। सभी
पचं ायतों मेंदरी, जाजि म, सतरंजी और पेट्रोमक्ै स है- पेट्रोमक्ै स, जि सेगाँववालेपचं लाइट कहतेहैं। पचं लाइट
खरीदनेके बाद पचं ों नेमेलेमेंही तय कि या कि दस रुपयेजो बच गए हैंइससेपजू ा की सामग्री खरीद ली जाए।"
प्रश्न एवंउत्तर:
प्रश्न: महतो टोली के पचं ों नेपेट्रोमक्ै स खरीदनेके लि ए पसै ेकहाँसेजमा कि ए थे?
उत्तर: महतो टोली के पचं ों नेपि छलेपद्रं ह महीनेसेदंड-जरुमानेके पसै ेजमा करके पेट्रोमक्ै स खरीदनेके लि ए धन
इकट्ठा कि या था।
प्रश्न: पचं ों नेपेट्रोमक्ै स कहाँसेखरीदी थी?
उत्तर: पचं ों नेपेट्रोमक्ै स रामनवमी के मेलेसेखरीदी थी।
प्रश्न: गाँव मेंकुल कि तनी पचं ायतेंथी?ं
उत्तर: गाँव मेंकुल मि लाकर आठ पचं ायतेंथीं।
प्रश्न: गाँव के लोग 'पेट्रोमक्ै स' को क्या कहतेथे?
उत्तर: गाँव के लोग 'पेट्रोमक्ै स' को 'पचं लाइट' (पचं लटै ) कहतेथे।
प्रश्न: पेट्रोमक्ै स खरीदनेके बाद बचेहुए दस रुपयों का पचं ों नेक्या कि या?
उत्तर: पेट्रोमक्ै स खरीदनेके बाद बचेहुए दस रुपयों सेपचं ों नेपजू ा की सामग्री खरीदनेका नि र्णयर्ण लि या।
गद्यांश 2
"लेकि न.... ऐन मौके पर 'लेकि न' लग गया! रूदल साह बनि ए की दकु ान सेतीन बोतल कि रासन तले आया और
सवाल पदै ा हुआ, पचं लटै को जलाएगा कौन? यह बात पहलेकि सी के दि माग मेंनहींआई थी। पचं लटै खरीदनेके
पहलेकि सी नेन सोचा। खरीदनेके बाद भी। अब, पजू ा की सामग्री चौके पर सजी हुई है, कीर्तनिर्तनिया लोग
ढोल-करताल खोलकर बठै ेहैंऔर पचं लटै पड़ा हुआ है। गाँववालों नेआज तक कोई ऐसी चीज़ नहीं खरीदी, जि समें
जलाने-बझु ानेका झझं ट हो।"
प्रश्न एवंउत्तर:
प्रश्न: ऐन मौके पर महतो टोली के सामनेक्या समस्या/सवाल पदै ा हुआ?
उत्तर: ऐन मौके पर यह सवाल पदै ा हुआ कि 'पचं लटै (पचं लाइट) को जलाएगा कौन?'
प्रश्न: कि रासन (मि ट्टी का) तले कि स दकु ान सेलाया गया था और कि तनी बोतल आया था?
उत्तर: कि रासन तले रूदल साह बनि ए की दकु ान सेलाया गया था और कुल तीन बोतल तले आया था।
प्रश्न: पचं लाइट न जल पानेके समय टोली मेंपजू ा और कीर्तनर्त की क्या स्थि ति थी?
उत्तर: उस समय पजू ा की सामग्री चौके पर सजी हुई थी और कीर्तनिर्तनिया लोग ढोल-करताल खोलकर पचं लाइट जलने
का इंतज़ार कर रहेथे।
प्रश्न: गाँववालों नेपहलेकभी ऐसी चीज़ क्यों नहीं खरीदी थी?
उत्तर: गाँववालों नेआज तक कोई ऐसी चीज़ नहीं खरीदी थी, जि समेंजलानेऔर बझु ानेका झझं ट या पेचीदगी हो।
प्रश्न: उपर्युक्र्युत गद्यांश कि स पाठ और लेखक द्वारा रचि त कहानी सेलि या गया है?
उत्तर: यह गद्यांश 'पचं लाइट' नामक पाठ सेलि या गया है, जि सके लेखक फणीश्वरनाथ 'रेणु हैं
No comments:
Post a Comment