Monday, 6 July 2026

ch 8 Sanskrit class 6


लंबे समय की गुलामी (परतंत्रता) के कष्ट को सहकर हमारा देश भारत वर्ष 1947 में अगस्त महीने की पंद्रह तारीख को अंग्रेजों के शासन से स्वतंत्र हुआ। तब भारत का नवीन संविधान वर्ष 1950 में जनवरी महीने की छब्बीस तारीख से लागू (प्रचलित) हुआ। इसलिए, गणतंत्र शासन की शुरुआत होने के कारण इस दिन को **'गणतंत्र दिवस'** कहा जाता है। अतः हम हर वर्ष इस दिन महान उत्सव (महोत्सव) मनाते हैं।
इस दिन सब जगह अवकाश (छुट्टी) होती है। भारत के सभी शहरों और गाँवों में गणतंत्र दिवस का भव्य (महान) समारोह होता है। सभी लोग अपने-अपने शहरों और गाँवों में बड़े उत्साह और उल्लास के साथ गणतंत्र दिवस का आयोजन करते हैं। परंतु देश की राजधानी दिल्ली तो इस अवसर पर विशेष रूप से सजी होती है।
भारत की राजधानी दिल्ली नगरी में सभी प्रदेशों (राज्यों) से लोग समारोह देखने आते हैं। सुबह से ही लाखों लोग 'भारत द्वार' (**इंडिया गेट**) पर एकत्रित होते हैं। तब राष्ट्रपति अपने विशेष वाहन से अंगरक्षकों के साथ विजय चौक (विजय-चतुष्पथ) पर आते हैं। तोपों की गर्जना (सलामी) से राष्ट्रपति का अभिनंदन किया जाता है। इसके बाद जल सेना, थल सेना और वायु सेना के सैनिक राष्ट्रपति का अभिवादन करते हैं। इसके बाद हवाई जहाज (वायुयान) आकाश से फूलों की वर्षा करते हैं।
लाखों लोग यह सब देखकर तालियाँ बजाते हैं और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिज्ञा करते हैं। वास्तव में, गणतंत्र दिवस भारत के लिए महान गौरव प्रदान करने वाला है।

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लंबे समय की गुलामी (परतंत्रता) के कष्ट को सहकर हमारा देश भारत वर्ष 1947 में अगस्त महीने की पंद्रह तारीख को अंग्रेजों के शासन से स्वतंत्र हुआ...