Wednesday, 12 August 2026

Class 8 संस्कृत पाठ 5 : दिल्ली नगरम

दिल्ली नगर भारतवर्ष की राजधानी है। यह नगर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक है। इसका पुराना नाम 'इंद्रप्रस्थ' था। भारत के केंद्र में स्थित होने के कारण यह नगर अति प्राचीन काल से देश की राजधानी होने का गौरव वहन कर रहा है। आज भी यह स्वतंत्र भारत की राजधानी है। केंद्र सरकार के सर्वोच्च अधिकारी और विदेशों के प्रतिनिधि यहीं निवास करते हैं।
दिल्ली नगर में भारत के विभिन्न प्रदेशों के निवासी आसानी से देखे जा सकते हैं। दूर-दूर से आकर लोग यहाँ प्राचीन और नवीन अनेक दर्शनीय स्थलों को देखकर अपना मनोरंजन करते हैं।
दिल्ली नगर का प्राचीन भाग 'पुराणी दिल्ली' नाम से जाना जाता है, और वहाँ 'चांदनी चौक', 'लाल किला', 'जामा मस्जिद', 'यमुना पुल' तथा 'राजघाट' नाम के दर्शनीय स्थान हैं। पुरानी दिल्ली भाग के भवन प्राचीन शैली में निर्मित हैं। वहाँ भारत की संस्कृति और कला झलकती है। दिल्ली नगर का नया भाग 'नई दिल्ली' नाम से प्रसिद्ध है। वहाँ चिड़ियाघर, बिड़ला मंदिर, जंतर-मंतर और कुतुब मीनार प्रसिद्ध स्थान हैं। जब दिल्ली नगर में 'एशियाड 82' (1982 के एशियाई खेल) का आयोजन हुआ था, उसी आयोजन से इस नगर की शोभा अत्यंत बढ़ गई थी।
यहाँ नेहरू स्टेडियम, नेशनल स्टेडियम और इंदिरा गांधी (इंद्रप्रस्थ) स्टेडियम आदि विभिन्न विशाल खेल के मैदान भली-भांति निर्मित हैं। ऊँचे फ्लाईओवर (पारगमन पथ) सुंदर प्रतीत होते हैं। नई दिल्ली नगर में मार्ग अत्यंत चौड़े, सुव्यवस्थित और स्वच्छ हैं। रात में यहाँ विभिन्न प्रकार की बत्तियों (लाइटों) का प्रकाश बहुत सुशोभित होता है। यहाँ अनेक प्रकार के वाहनों का बहुत बड़ा आवागमन रहता है। पालम में स्थित हवाई अड्डा अत्यंत दर्शनीय है।
दिल्ली नगर व्यापार और उद्योगों का भी केंद्र है। यह संपूर्ण संसार की राजनीतिक गतिविधियों का भी केंद्र है। अतः यह नगर अत्यंत समृद्ध, वैभवशाली और सुंदर है।

No comments:

Post a Comment

Class 8 संस्कृत पाठ 5 : दिल्ली नगरम

दिल्ली नगर भारतवर्ष की राजधानी है। यह नगर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक है। इसका पुराना नाम 'इंद्रप्रस्थ' था। भारत के केंद्र में स्थित ...